जब राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के लिए ओमान के सुल्तान ने तोड़े थे प्रोटोकॉल

वर्ष 1994 की बात है, भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा औपचारिक विदेश यात्रा के तहत मस्कट गए। परन्तु जब एयर इंडिया का विमान मस्कट में उतरा, तब तीन गैर-पारंपरिक घटनाएँ हुईं: ओमान के सुल्तान कभी किसी भी देश के गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के लिए हवाई अड्डे

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ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे लाल बहादुर शास्त्री

देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 02 अक्टूबर, 1904 को शारदा प्रसाद और रामदुलारी देवी के घर उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुगलसराय शहर के पास रामनगर में हुआ था। नेहरू जी के निधन के बाद शास्त्री जी देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने। शास्त्री जी के ईमानदारी

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जिनके जन्मदिन पर मनाया जाता है ‘राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस’, जानिए कौन हैं सर एम. विश्वेश्वरैया

हमारे देश में प्रतिवर्ष लाखों अभियंता यानी इंजीनियर स्नातक की पढ़ाई पूरी करते हैं। हर साल हम कई बच्चों को आईआईटी की तैयारी करते हुए भी देखते हैं। हमारे देश से न जाने कितने ही दिग्गज इंजीनियर निकले हैं, जोकि देश-विदेश की छोटी-बड़ी कंपनियों में अपनी सेवा दे, दुनिया को

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11 सितंबर, 1893: शिकागो में स्वामी विवेकानंद का वह ऐतिहासिक सम्बोधन, जिसने दुनिया में भारत की छवि बदल दी

मानव सभ्यता का पुनर्जागरण और 11 सितंबर 1893 भारत का नाम आज पूरे विश्व में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है, परन्तु एक दौर ऐसा भी था जब सब इसे घृणा का पात्र समझते थे। एक ऐसा देश, जो प्राचीन काल में अपनी स्वर्णिम सभ्यता की वजह से पहचाना

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शिक्षक दिवस विशेष: जानिए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षक से राष्ट्रपति बनने तक की जीवन यात्रा

एक अच्छा शिक्षक हजारों विद्यार्थियों के मन में हमेशा अमर रहता है। शिक्षक के विचारों, मूल्यों, आदर्शों को विद्यार्थी जीवन भर याद रखता है। भारत में भी एक ऐसे ही राष्ट्रपति हुए, जिनको पूरा देश एक शिक्षक के रूप में भी जानता है। 05 सितंबर, 1888 को जन्मे भारत के

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कौन थे बेल्जियम के वह ईसाई पादरी कामिल बुल्के, जिन्होंने अपना जीवन भारतीय भाषा एवं संस्कृति को समर्पित कर दिया

कामिल बुल्के वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अपनी पीईएचडी थीसिस हिन्दी में की थी। रामायण पर पहला वैज्ञानिक शोध प्रस्तुत करने के साथ-साथ उन्होंने ‘अंग्रेजी-हिन्दी शब्दकोश’ के रूप में सबसे मानक शब्दकोश भी लिखा।

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जिसने रेगिस्तान में अकेले ही 1360 एकड़ जंगल खड़ा कर दिया: मिलिए ‘फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया’ जादव पाएंग से

जादव ने देखा ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे सैकड़ों की संख्या में साँप मरे हुए हैं। प्रकृति प्रेमी जादव के मन को इस घटना ने झकझोर दिया। उन्होंने आसपास में बड़े-बुज़ुर्गों से कहा-“अगर इन्ही साँपों की तरह एक दिन हम सब मर गए, तो वे (बड़े लोग) क्या करेंगे?”

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जब हिटलर ने किया था ‘हॉकी के जादूगर’ को सैल्यूट: जानें मेज़र ध्यानचंद से जुड़ी 15 अनसुनी घटनाएँ

ध्यानचंद इतना निराश हो चुके थे कि अपनी मृत्यु से दो महीने पहले उन्होंने कहा-“जब मैं मरूँगा, तो पूरी दुनिया रोएगी लेकिन भारतीय मेरे लिए एक कतरा नहीं बहाएँगे। मैं उन्हें जानता हूँ।”

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शिक्षा जगत की महान क्रांति: पण्डिता रमाबाई

1882 में रमाबाई ने भारत में स्वतंत्रता और शिक्षा पर विचार प्रकट किए-“पुरुष हमें एक वस्तु समझतें हैं। हम अपनी कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए जो भी प्रयास करते हैं, तो कुछ लोग कहते है हम पुरुषों के विरुद्ध विद्रोह कर रहीं हैं और यह पाप है। बल्कि मैं कहूँगी कि पुरुष के बुरे कार्यों की निंदा न करना और उनके सामने दयनीय स्थिति में पड़े रहना एक महा पाप है।”

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भारतीय सिनेमा के जनक: दादा साहब फाल्के

फिल्में ऐसा साधन हैं जो मनोरंजन के साथ-साथ बहुत ज्ञानवर्धक भी हैं। ज्ञान और मनोरंजन का उत्तम साथ यदि कुछ है तो वह फिल्में ही हैं। बात जब फिल्मों की हो और उसमें भारतीय सिनेमा की नींव रखने वाले व्यक्तित्व की चर्चा न हो, तो फिल्मी दुनिया का यह सफ़र

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