बिहार-नेपाल का वरदान और अभिशाप, जानें क्या है कोसी बैरेज की पूरी कहानी

कुछ दिन पहले दरभंगा एयरपोर्ट से पूर्णियाँ लौटते वक्त बीरपुर के निकट हाईवे पर अचानक से पापा-मम्मी ने कहा कि गाड़ी नेपाल की तरफ़ घुमा लो, कोसी बैरेज देखने चलते हैं। मेरे माता-पिता ने इसे पहले भी देखा है, परन्तु मैंने नहीं। वैसे भी हमारे लिए नेपाल पटना की तुलना

आगे पढ़ें-

ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना

मनुष्य के सोचने-समझने की शक्ति ही उसे पशुओं और जड़ वस्तुओं से अलग बनाती है। मनुष्य न तो जानवरों की तरह अलग-अलग स्थानों पर जाने के बाद बिना विचार किए रह सकता है और न ही जड़ वस्तुओं की तरह एक स्थान पर रहकर पूरा जीवन बिता सकता है। हालाँकि,

आगे पढ़ें-

दिल्ली का वह ‘जहाज़ महल’ जो उपेक्षाओं में कहीं डूब गया।

पुरानी जगहों की तलाश करते-करते दिल्ली के महरौली बाजार के बिल्कुल बीचों-बीच मिला यह जहाज महल। छत्तरपुर मेट्रो स्टेशन से जो रास्ता महरौली बाजार के बीच जाता है, उसमें ही लगभग डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद आपको यह महल दिखेगा, जोकि अभी तो बेहद जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, परन्तु अपने समय में कुछ बेहद खूबसूरत रहा होगा…

आगे पढ़ें-

मध्यकाल का वह कत्लखाना जो बन गया ‘अहिंसा स्थल।’

अहिंसा स्थल, महरौली, दिल्ली मैं घूमने-फिरने का बेहद शौकीन रहा हूँ। 2017 की जुलाई में जब दिल्ली आया था तो इस शौक ने मुझे दिसम्बर आते-आते पूरी दिल्ली के चक्कर लगवा दिए। अब तो अधिकतर जगहें दोहरा-सी जाती हैं, इसलिए कोशिश रहती है कि उन जगहों को तलाश करूँ, जहाँ

आगे पढ़ें-